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पश्चिम एशिया संकट पर सरकार अलर्ट! अश्विनी वैष्णव बोले- विदेशी मुद्रा बचाना जरूरी

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ते युद्ध संकट के बीच केंद्र सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने देशवासियों और उद्योग जगत से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए संघर्ष विराम अभी दूर दिखाई दे रहा है और ऐसे समय में भारत को आर्थिक रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।

नई दिल्ली में आयोजित CII Annual Business Summit 2026 को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे ऐसे खर्च कम करें जिनमें विदेशी मुद्रा ज्यादा खर्च होती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश को केवल विदेशी मुद्रा बचाने पर ही नहीं, बल्कि निर्यात और सेवाओं के जरिए ज्यादा विदेशी मुद्रा कमाने पर भी ध्यान देना होगा।

वैष्णव ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम यह साफ दिखा रहे हैं कि जल्द संघर्ष विराम होने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि इस संकट का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और भारत को भी इसके लिए तैयार रहना होगा।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। खासकर तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने और गैर-जरूरी विदेशी खर्च टालने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा जैसे खर्चों को कम करने की सलाह दी थी ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके।

प्रधानमंत्री ने इसे “आर्थिक आत्मरक्षा” का हिस्सा बताते हुए कहा था कि वैश्विक संकट के समय जिम्मेदार जीवनशैली अपनाना भी देशभक्ति का ही एक रूप है। उन्होंने Work From Home, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की भी बात कही थी।

अश्विनी वैष्णव ने उद्योगों से भी अपील की कि वे आयात पर निर्भरता कम करें और निर्यात बढ़ाने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से रेलवे, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले समय में देश की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।

सरकार की ओर से लगातार उच्चस्तरीय बैठकें भी की जा रही हैं। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भी हाल ही में ऊर्जा आपूर्ति और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की थी। सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और देश में किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।

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