Popular Posts

बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों पर बड़ा एक्शन, CM शुभेंदु अधिकारी का नया आदेश

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ BJP सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को निर्देश दिया है कि पकड़े गए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को अदालत में पेश करने के बजाय सीधे BSF को सौंप दिया जाए, ताकि उन्हें तुरंत बांग्लादेश वापस भेजा जा सके।

मुख्यमंत्री ने इस अभियान को “Detect, Delete and Deport” यानी “पहचानो, हटाओ और देश-निकाला दो” नीति का हिस्सा बताया है। आदेश के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति CAA के दायरे में नहीं आता और अवैध रूप से भारत में पाया जाता है, तो उसे कोर्ट प्रक्रिया के बजाय सीधे बॉर्डर पोस्ट पर BSF को सौंपा जाएगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार यह आदेश 20 मई से लागू हो चुका है। हावड़ा स्टेशन समेत कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस और RPF को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। पकड़े गए लोगों को पेट्रापोल या बशीरहाट बॉर्डर पर BSF को सौंपा जाएगा।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 14 मई को भेजे गए निर्देशों के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल सरकार अब सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाएगी।

हालांकि इस फैसले को लेकर कानूनी सवाल भी उठ रहे हैं। कई पुलिस अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति को “अवैध प्रवासी” घोषित करने का अधिकार अदालत के पास होता है, केवल पुलिस के पास नहीं। ऐसे में बिना न्यायिक प्रक्रिया सीधे डिपोर्टेशन संवैधानिक बहस का विषय बन सकता है।

राजनीतिक रूप से भी यह मुद्दा गरमा गया है। BJP इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्षी दल इसे मानवाधिकार और संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ बता रहे हैं। असम में भी इसी तरह की “पुशबैक” नीति को लेकर पहले से कानूनी विवाद चल रहा है।

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार ने BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन हस्तांतरित करने और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने जैसे कदम भी तेज कर दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *