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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित अटल सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 1947 की त्रासदी को याद किया गया। इस दौरान प्रदर्शनी, फिल्म और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा और अपनों से बिछड़ने की पीड़ा को सामने रखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मा0 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 सोमेन्द्र तोमर ने अन्य अतिथियों के साथ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आमजन और स्कूली छात्र-छात्राओं ने विभाजन विभीषिका स्मृति प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विभाजन पर आधारित फिल्म ने उस दौर की मानवीय त्रासदी को जीवंत कर दिया। स्कूली बच्चों की देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभागार राष्ट्रप्रेम से सराबोर हो गया।

मा0 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 सोमेन्द्र तोमर ने कहा कि विभाजन इतिहास का ऐसा दर्दनाक अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। वर्तमान सरकार ने विभाजन की सच्चाई को सामने लाने का काम किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं मुख्यमंत्री ने विस्थापित परिवारों को मकान और जमीन उपलब्ध कराने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विभाजन से मिली सीख को आत्मसात करते हुए देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रहित को सदैव सर्वाेपरि रखना चाहिए।
मा0 विधायक मेरठ कैंट अमित अग्रवाल ने कहा कि विभाजन के समय अपना घर-बार छोड़कर भारत आए परिवारों ने कठिन परिस्थितियों में नया जीवन शुरू किया। उन्होंने कहा, विस्थापित होकर आने वाले लोग मेरठ और एनसीआर में रहकर आज देश की आर्थिक और सांस्कृतिक तरक्की में अपना योगदान दे रहे हैं। इन परिवारों का संघर्ष, मेहनत और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
मा0 विधायक सिवालखास गुलाम मोहम्मद ने कहा कि विभाजन में सभी समुदायों के लोगों ने दर्द झेला। विभाजन की विभीषिका हमें देश की एकता और अखंडता का महत्व समझाती है। उन्होंने कहा कि इतिहास की त्रासदियों से सीख लेकर वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मा0 विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज ने कहा कि विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आई मानवीय त्रासदी थी। नई पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराना जरूरी है, ताकि वह स्वतंत्रता, एकता और अखंडता का महत्व समझ सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित से बड़ा कुछ नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के बीच एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। अटल सभागार देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। विभाजन के दौरान विस्थापित हुए परिवारों के परिजनों को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सम्मानित किया। राजेश दीवान और सुरेश छावड़ा ने अपने अनुभव साझा करते हुए विस्थापित परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को सामने रखा। देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले स्कूली बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डा0 वी0के0 सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल, सीएमओ डा0 राम प्रसाद, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह, डीपीआरओ वीरेन्द्र सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक, छात्र-छात्राएं आमजन आदि उपस्थित रहे।
